Product Detail
 
Shani Upasna Kyon aur Kaisey?
ISBN No :
Price :
शनिदेव के बारे में अनेकों प्रकार की भ्रांतियां, गलत धाारणाएं व अंधाविश्वास फैला हुआ है। अधिाकांश लोग शनिदेव को क्रूर, क्रोधाी, कष्टदायक, अमंगलकारी देवता समझते हैं। शनि की साढ़ेसाती, शनि की ढैय्या, शनि की प्रतिकूल महादशा, दशा व अंतरदशा की पीड़ा और संकट से घिर जाने पर ही लोग शनिदेव की शरणागत होते हैं। परंतु तथ्य यह है कि शनिदेव कल्याणकारी व बंधन मुक्त करने वाले ग्रह हैं। वह शिव के परम शिष्य और रूद्रावतार हनुमान के परम मित्रा भी हैं। जिस तरह भगवान शिव क्रोधिात होते हैं और तुरंत दया व कृपा भी कर देते हैं, उसी तरह भगवान शनिदेव भी दयालु हैं और तुरंत फलदायी भी हैं। आज के इस मशीनी युग में हर मानव इतना व्यस्त है कि अपने व्यस्त जीवन में न तो व्रत रख सकता है और न ही लंबे समय तक उपासना कर सकता है। परंतु यदि कलयुग के इस जाग्रत देव शनिदेव की श्रध्दा भाव व सच्चे दिल से पूजा की जाए तो हर भक्त की मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। नवग्रहों में शनिदेव का अपना एक महत्वपूर्ण व गरिमामय पद है जो मानव जीवन को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। भारतीय ज्योतिष में ज्योतिषीय ग्रंथों को पढ़ने पर शनि का एक विकराल रूप सामने आता है जिसे पढ़क़र कोई भी भयभीत हो सकता है। शनिदेव का ऐसा चित्राण क्यों किया गया है, यह बात समझ में नहीं आती। संभवत: शनि के नाम पर जीवनयापन करने वाले लोगों ने शनिदेव को इतना क्रूर, डरावना और भयानक देवता के रूप में प्रचारित कर दिया है कि लोग अपने घर में शनिदेव का फोटो रखने से भी कतराते हैं। यहां तक कि मूर्तिकार भी शनिमूर्ति बनाने से भय खाते हैं। लेकिन यह बात पूरी तरह मनगढ़ंत व भ्रामक है। शनि अमंगलकारी नहीं, मंगलकारी है। शनि दुखदायक नहीं, सुखदायक हैं। शनि अशान्ति नहीं देते, शान्ति देते हैं। शनि भाग्य विधााता हैं, कर्म के दाता हैं, शनि मोक्ष के दाता हैं। शनि एक न्यायप्रिय ग्रह हैं। शनिदेव अपने भक्तों को भय से मुक्ति दिलाते हैं। यह कैसी विडम्बना है कि जो भय मुक्त करते हैं, लोग उसी से भयभीत रहते हैं।
 
Shipping Country :
 

1. You can make payment through NEFT. If you are paying by cash, Pls mail the Bank slip on the Id - saturnpublications@gmail.com

2. Call timings - 10am -01Pm & 6Pm-8Pm (Monday to Friday)

3. You are also requested to mail for all placed orders.

 
 
Last updated on 20-10-2017
Home :: Lord Shani :: Shani Sadhe Satti Dhaiya :: Shree Shanidham Trust :: Rashiphal :: Our Literature
Pragya (E-paper) :: Photo - Gallery :: Video Gallery :: Janam Patri :: Pooja Material :: Contact Us
News :: Disclaimer :: Terms & Condition :: Products
Visitors
© Copyright 2012 Shree Shanidham Trust, All rights reserved. Designed and Maintained by C. G. Technosoft Pvt. Ltd.