सुकर्माें से सुंदर बने
धन अर्जित करते है तो सबसे पहले आप अपने परिवार कीे सुख सुविधा के लिए कुछ खरीदते है कभी सोचा है कि आपको जीवन जो प्रभु ने दिया है आपका भी इसके प्रति क$त्र्तव्य बनता है।अच्छे अच्छे अनुभव लें, अच्छे कर्म कर अपने जीवन को सुसज्जित करें। दूसरों का भला करें। सुखी परिवार आपको जीते हुए तो सुख दे देगा परंतु जब अंत आयेगा तो अकेले जाना होगा। आपके कर्माे का निरीक्षण होगा। यदि सुंदर घर में रहना आपको अच्छा लगता है तो परमपिता परमेश्वर को भी अच्छे जीव की आत्मा में निवास करना अच्छा लगता है। अपने घर की तरह अपने जीवन को भी सुकर्माें से सुंदर बनायें कि आपके घर में प्रभु मेहमान बन आये तो प्रसन्न हो।