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मंगल का राशि परिवर्तन
- मंगल का सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश।
- कन्या राशि का मंगल का राहु से त्रिएकादश संबध।
- मंगल, शनि, केतु , शुक्र और ब्रहस्पति का नवमपंचम संबंध।
- केतु ,शक्र, गुरु और सूर्य का द्विद्वादश संबंध।
- मंगल, शनि और सूर्य का चुर्तदशम संबंध।
- केतु ,गुरु ,शुक्र ,राहु का समसप्तक संबंध।
मैदिनी ज्योतिष के अनुसार यह संपूर्ण ग्रहयोगायोग को देखते हुए मेरा अनुभव है जो आज तक मैंने पढ़ा है और देखा है उसके अधार पर यह कह सकता हूं कि यह तीन महीने संपूर्ण विश्व और राष्टï्र के लिए बहुत ही सावधानी के है।
- इस समय जबरदस्त राजनीतिक उठा पठक का सामना करना पड़ेगा।
- सभी राजनीतिक पार्टियों को अपने ही लोगो से जूझना पड़ेगा।
- ग्रह योगायोग के अनुसार और विशेषकर राहु और मंगल का त्रिएकादश संबंध दुर्घटनाओं का संकेत भी दे रहा है।
- इन तीन महीनों में हवाई,रेल, सडक़ व आग दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी की संभावना नजर आ रही है। साथ ही भूकंप, भूसंख्लन, तूफान, आंधी व जल से भी नुकसान की संभावना है।
पुन: संपूर्ण राष्टï्र और राष्टï्रवासियों से मेरा निवेदन है कि यह ज्यातिषिय विशलेषण है। मैं जो कह रहा हूं वही ठीक है इस बात का मैं दावा नहीं करता। यह मेरा शोध है। मेरा अध्ययन है। आप सभी लोगो को ह्यद्गष्शठ्ठस्र शश्चद्बठ्ठद्बशठ्ठ अवश्य लेना चाहिए। जिस तरह के ग्रह योगयोग है संपूर्ण राजनीतिज्ञयो को संयम और धैर्य का परिचय देना चाहिए। संवेदनशील विषयों पर असंवेदनशील टिप्पणी से बचना चाहिए। संपूर्ण धर्म आचार्यो को भी छोटे मुंह बड़ी बात कहना चाहता हूं। वृषभ राशि में ब्रहस्पति का प्रवेश है और कन्या के मंगल का राहु से त्रिएकादश संबंध अनुकूलता का संकेत नहीं दे रहा है। इस समय धैर्य और संयम का परिचय हम सबको देना चाहिए। मैं एक साधारण मानव हूं। मेरा यह एक ज्योतिषिय प्रयास है। संभव है मेरे से गलती हो सकती है। आप सभी लोग इस विषय पर शोध अवश्य करें। क्योंकि सटिक भविष्यवाणी प्रजापति ब्रह्मïा के अलावा कोई नहीं कर सकता। भूल के लिए क्षमा प्रार्थी। आपका दाती महाराज।
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