तुला राशि पर शनिदेव की साढ़ेसाती का प्रभाव
9 सितंबर 2009 शनि भरणी नक्षत्र एवं मेष राशि के चन्द्रमाकालीन बुधवार की रात कन्या राशि में प्रवेश किया इस समय सिंह, कन्या और तुला राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती चल रही है और यह 14 नवंबर 2011 तक चलेगी। कन्या राशि में शनि है तो तुला राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती का ज्योतिषीय दृष्टिकोण से क्या प्रभाव रहेगा, मैं इसकी चर्चा करूंगा। लेकिन मेरे मित्रों मेरे जीवन भर की साधना और तपस्या का निचोड़ यह है कि शनि की महादशा, शनि की साढ़ेसाती, शनि की ढैय्या और शनि की दृष्टि के दौरान कोई भी शुभाशुभ फल आपको प्राप्त हो रहा है तो उसके पीछे शनिदेव का नहीं आपके निजकृत कर्मों का हाथ है। शनिदेव को दोष देने से पहले अपने कर्मों का टटोलना बहुत जरूरी है क्योंकि कर्मों के आधार पर ही शनिदेव आपको फल प्रदान करते हैं। मानव की एक बहुत बड़ी आदत है कि वह हमेशा अपनी गलती दूसरों पर लादता है और अपने को बचाना चाहता है। मेरी आपसे प्रार्थना है कि मेरी इस बात को आप ध्यान में रखें कि कर्म बदल सकते हैं ग्रहों की दशा और दृष्टि दोनों ही और कर्म ही करेंगे कल्याण आपका। इसलिए कर्म सुधारो और प्रयत्न और प्रार्थना में विश्वास रखो, सफलता दामन चूमेगी। यहां जो कुछ भी बताने जा रहा हूं वह ज्योतिषीय दृष्टिकोण है और आपके निजकृत कर्मों द्वारा भाव, दशा, युति, दृष्टि आदि में शनि आपको आपके कर्मों के फल देंगे, इस बात को अवश्य ध्यान में रखते हुए इस आलेख को पढ़ें। शनि कन्या राशि में है तो तुला राशि वालों की साढ़ेसाती का विवरण दे रहा हूं। और अधिक जानना हो तो मेरे द्वारा लिखित पुस्तक 'क्या है शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या और उसके उपाय' को अवश्य पढ़ें। |